जब भी उतरोगे तुम पहाड़ों से
नीचे बहते ब्यास के कंडे
एक पत्थर मिलेगा पानी में
जी करे तो उठा के रख लेना
टूट कर मैं गिरा था चोटी से!

-गुलज़ार